Sunday, 1 January 2012

निश्छलता और अपनत्व के रंग

नया वर्ष...................नया विस्तार...................
नय़े सपने और नये संकल्प, सफल जीवन जीने की उत्कट आकांक्षा और आकांक्षाओं की पूर्ति के लिये मन में उमगा इन्द्रधनुष जब विविध रंगो से पुरे परिवेश और मन प्राण को सराबोर कर रहा होता है ऐसे में अनायास पुलक स्पर्श होता है उन हाथों का जिसने हमारे जीवन को करीने से सजाया संवारा है और उर्जावान बनाया है, जी हां यही है दोस्ती का हाथ !!!
चाहता हुँ चित्रित कर डालुं इस रिस्ते के मर्म को, पर कहां से लाउं निश्छलता और अपनत्व के रंग जो इस रिस्ते को प्राणवान बनाता है।
 
यादों के महफिल मे सिर्फ आप नहीं बल्की यहां तो आप के यादों की मजलिसे हैं, जिन्दगी मे कुछ खो जाने की कसक पर लग जाये नये सुबह की मरहम, नव वर्ष में आपके लिये यही मेरी ख्वाहिशें हैं।
***Wish you a very Happy and a Glorious NEW YEAR***